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मुजफ्फरनगर के भागवंती विद्यालय में पंचदीपों के संदेश के साथ मना दीपोत्सव, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल दिवाली का संकल्प

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मुजफ्फरनगर। नई मंडी स्थित भागवंती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में दीपावली के पावन पर्व को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्वच्छता विभाग, इको क्लब और पर्यावरण क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पंचदीपों के माध्यम से स्वस्थ, स्वच्छ और सुरक्षित दीपावली मनाने का संदेश दिया।

6 नवंबर 2026 को विद्यालय के प्रार्थना सभा स्थल पर दीपावली की पूर्व बेला और पंचपर्वों का उत्सव हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में स्वच्छता जागरूकता गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां भी हुईं।

हरे, नीले और लाल डस्टबिन की उपयोगिता समझाई

कार्यक्रम में स्वच्छता विभाग की प्रमुख एवं वरिष्ठ आचार्या श्रीमती रितु ने विद्यार्थियों को कचरे के उचित निस्तारण की जानकारी दी। उन्होंने हरे, नीले और लाल रंग के डस्टबिन की उपयोगिता समझाते हुए बताया कि कचरे को उसके प्रकार के अनुसार अलग-अलग डस्टबिन में डालना स्वच्छता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विद्यार्थियों ने गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया और विद्यालय सहित अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।

पंचदीपों के माध्यम से दिया कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इसके बाद इको क्लब और पर्यावरण क्लब के विद्यार्थियों ने ‘पंचदीपों के साथ स्वस्थ, स्वच्छ एवं सुरक्षित दीपावली’ विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों ने मिट्टी के दीपकों के महत्व, स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने, स्थानीय बाजार और छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन देने तथा ऑनलाइन खरीदारी के स्थानीय कारोबार पर पड़ने वाले प्रभाव को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया।

साथ ही पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण के प्रति जागरूक करते हुए पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने की अपील की गई। छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में उत्सव का रंग भर दिया।

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इस अवसर पर पंचदीपों का संदेश विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने पांच दीप प्रज्वलित करने का आह्वान करते हुए बताया—

  • प्रथम दीप शहीदों के नाम।
  • द्वितीय दीप अन्नदाताओं के नाम।
  • तृतीय दीप मातृभूमि के नाम।
  • चतुर्थ दीप मानवता के नाम।
  • पंचम दीप पर्यावरण के नाम।

विद्यार्थियों ने भावपूर्ण संदेश दिया कि जिनके प्रति हमारा कृतज्ञता भाव शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, उनके सम्मान और स्मरण में एक दीप जलाना हमारी संवेदनशीलता एवं श्रद्धा का प्रतीक है।

पंचपर्वों के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर डाला प्रकाश

विद्यालय में पंचपर्वों का उत्सव भी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मुख्य वक्ता श्रीमती पारुल माहेश्वरी रहीं। उन्होंने प्रेरणादायी कथाओं के माध्यम से पांचों पर्वों के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को सरल एवं रोचक ढंग से समझाया।

गीत, संगीत, नृत्य और भजन की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर श्रीमती लक्ष्मी माहेश्वरी ने अपनी सुंदर संगत प्रदान की। आचार्या श्रीमती दीप्ति तिवारी और श्रीमती मनोरमा ने मधुर रामभजन प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। छात्राओं ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक दिखाई।

प्रधानाचार्या ने सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने का किया आह्वान

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्रधानाचार्या डॉ. वन्दना शर्मा का प्रेरणादायी संबोधन रहा। उन्होंने विद्यालय परिवार की ओर से सभी को पंचपर्वों एवं दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उदाहरणों और लघु नाटिका के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि त्योहारों को केवल उत्सव और मनोरंजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनमें निहित जीवन मूल्यों, सामाजिक सद्भाव, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी आत्मसात करना चाहिए।

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प्रधानाचार्या ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली का वास्तविक प्रकाश तभी सार्थक होगा, जब हम अपने घरों के साथ-साथ किसी कारीगर के जीवन, किसी जरूरतमंद के मन और प्रकृति के आंगन को भी रोशन करेंगे। उन्होंने मिट्टी के दीप अपनाने, स्थानीय व्यापारियों और स्वदेशी वस्तुओं को प्रोत्साहित करने तथा पटाखों से दूरी बनाकर स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित दीपावली मनाने का आह्वान किया।

शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का रहा विशेष योगदान

कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में इको क्लब प्रमुख श्रीमती दीप्ति तिवारी, पर्यावरण प्रमुख श्रीमती दुर्गेश नंदिनी कौशिक और जिला पर्यावरण प्रमुख श्री हिमांशु का मार्गदर्शन रहा। श्रीमती रितु पवार, श्रीमती शिवानी शर्मा, श्रीमान रमन कुमार और श्रीमती शिल्पा मित्तल का विशेष सहयोग एवं योगदान रहा।

गतिविधि में कक्षा 11-बी की छात्राओं अंशिका शर्मा, तनु, वंशु, वैष्णवी वर्मा, वैष्णवी गौतम, पुष्पा यादव और नंदिनी गर्ग ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

अंत में सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम का श्रद्धापूर्ण समापन हुआ। इस अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनाओं का संदेश दिया। विद्यालय का यह प्रयास संस्कारमय शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में सराहनीय पहल रहा।

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