मुजफ्फरनगर। जनपद में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना खालापार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मेरठ के रहने वाले चार कथित गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 25 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 85 हजार 500 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी त्योहारों के सीजन में गांजे की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर मोटा मुनाफा कमाने की तैयारी में थे। पूछताछ में उन्होंने उत्तराखंड निवासी हरीश से गांजा खरीदकर लाने की बात बताई है। गिरफ्तार आरोपियों में एक मेरठ के कंकरखेड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जबकि अन्य के खिलाफ भी मेरठ और मुजफ्फरनगर के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
शारडेन स्कूल के पीछे वाली गली में घेराबंदी कर पकड़े गए चारों आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा के नेतृत्व में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में छह नवंबर 2026 को थाना प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व में खालापार चौकी प्रभारी असगर अली पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग और गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मेरठ रोड से गरहाबाग की ओर जाने वाले रास्ते पर शारडेन स्कूल के पीछे वाली गली की तरफ से चार व्यक्ति हाथों में बैग लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखकर चारों अचानक पीछे मुड़कर तेज कदमों से चलने लगे। उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर चारों को मौके पर पकड़ लिया।
चार बैगों से मिला 25 किलो 700 ग्राम गांजा
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम तालिब पुत्र अनवर, अनवर पुत्र हकीमुद्दीन, इरशान पुत्र इरफान और शहजाद पुत्र इलियास बताए। चारों मेरठ जनपद के थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम सिंधावली, रोहटा रोड के निवासी हैं।
पुलिस ने जब उनके पास मौजूद बैगों की तलाशी ली तो उनमें गांजा बरामद हुआ। चारों बैगों से कुल 25 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा मिला। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस ने बरामद गांजे की कीमत करीब 3,85,500 रुपये आंकी है।
उत्तराखंड के हरीश से खरीदा था गांजा, त्योहारों में खपाने की थी तैयारी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने गांजे की खेप उत्तराखंड निवासी हरीश से खरीदी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी इसे बेचकर मोटा मुनाफा कमाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि त्योहारों के सीजन में गांजे की मांग बढ़ जाती है, इसलिए इस दौरान उन्हें अधिक कमाई होने की उम्मीद थी। इसी कमाई से वे अपने परिवार का खर्च और शौक पूरे करते थे।
पुलिस अब उत्तराखंड निवासी बताए गए सप्लायर हरीश की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
हिस्ट्रीशीटर अनवर पर लूट, डकैती और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मुकदमे
गिरफ्तार आरोपियों में अनवर पुत्र हकीमुद्दीन का आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार सबसे लंबा है। वह थाना कंकरखेड़ा, मेरठ का हिस्ट्रीशीटर नंबर 155ए बताया गया है। उसके खिलाफ लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2015 में थाना परतापुर मेरठ में उसके खिलाफ धारा 394/395 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हुए थे। वर्ष 2021 में सरूरपुर और कंकरखेड़ा थानों में भी कई मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें गैंगस्टर एक्ट का मामला शामिल है। वर्ष 2026 में कंकरखेड़ा थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमे दर्ज हुए हैं। अब खालापार थाने में गांजा तस्करी का नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
तालिब पर पहले भी दर्ज हुआ था एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तालिब पुत्र अनवर के खिलाफ भी मादक पदार्थों की तस्करी का पुराना मामला दर्ज है। वर्ष 2020 में थाना सिविल लाइन मेरठ में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। अब खालापार थाने में भी इसी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
इरशान और शहजाद के खिलाफ भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इरशान पुत्र इरफान के खिलाफ वर्ष 2021 में थाना कंकरखेड़ा मेरठ में मारपीट और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2023 में थाना खतौली, मुजफ्फरनगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं शहजाद पुत्र इलियास के खिलाफ वर्ष 2020 में मारपीट तथा वर्ष 2021 में थाना कंकरखेड़ा मेरठ में मारपीट, बलवा, घर में घुसकर हमला करने और जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। अब उसके खिलाफ भी खालापार थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने पत्रकारों को दी जानकारी
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी और गांजे की बरामदगी के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा ने थाना खालापार में पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत खालापार पुलिस ने चार आरोपियों को 25 किलो 700 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ थाना खालापार में मुकदमा अपराध संख्या 195/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, छह नवंबर 2026 को दोपहर करीब 1:15 बजे शारडेन स्कूल के पीछे वाली गली से उनकी गिरफ्तारी की गई। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई की गई है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में खालापार चौकी प्रभारी असगर अली, उपनिरीक्षक संजय सिंह, मुख्य आरक्षी शिवओम भाटी, अनिल कुमार, जितेंद्र तथा आरक्षी राहुल कुमार, अंकित कुमार और अंकित कुमार शामिल रहे।
तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी पुलिस
इस कार्रवाई में चारों आरोपियों का एक ही गांव का निवासी होना और अलग-अलग बैगों में गांजे की खेप लेकर आना भी जांच का विषय है। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड में एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे भी सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की सप्लाई का नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला है और इसके पीछे अन्य कौन लोग सक्रिय हैं। उत्तराखंड के बताए गए सप्लायर समेत तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

