मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में 81 वर्षीय मंदिर के पुजारी देवानंद महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने जीशान और उसके पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दावा किया है कि पुजारी ने जीशान के घर बेटा पैदा होने की भविष्यवाणी की थी, लेकिन करीब डेढ़ महीने पहले उसके घर बेटी पैदा हुई। इसी बात से नाराज होकर जीशान और उसके पिता ने पुजारी की हत्या की साजिश रची। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पड़ोसी हरेंद्र को फंसाने के लिए घटनास्थल पर उसके फोटो भी छोड़े थे।

एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक ने शुक्रवार अपराह्न करीब 3 बजे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि भौराकलां क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर में रहने वाले स्वामी देवनंदन उर्फ साधु देवानंद महाराज की 13 अक्टूबर की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी महाराज पिछले करीब 25 साल से मंदिर में रहकर पूजा-अर्चना कर रहे थे।
SP देहात के मुताबिक, हत्या के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। घटनास्थल से हरेंद्र नाम के व्यक्ति के फोटोग्राफ मिले थे। पुलिस ने शुरुआत में इन तस्वीरों को जांच का हिस्सा बनाया, लेकिन मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए कई थानों की टीमें लगाई गईं। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस जीशान और उसके पिता तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार, जीशान पुजारी के संपर्क में था। देवानंद महाराज ने उसके घर बेटे के जन्म की भविष्यवाणी की थी, लेकिन बेटी पैदा होने के बाद वह नाराज हो गया। पुलिस का कहना है कि इसी खुन्नस में जीशान और उसके पिता ने हत्या की योजना बनाई।
एसपी देहात के मुताबिक, वारदात वाली रात जीशान अपने पिता को बाइक पर लेकर घटनास्थल पर पहुंचा। वहां कहासुनी के बाद जीशान ने पुजारी को गोली मार दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने पूछताछ में जुर्म कबूल किया और उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचा तथा बाइक बरामद की गई।
एसएसपी सूरज राय ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली थाना प्रभारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर मिले फोटोग्राफ के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति को फंसाने की कोशिश भी साजिश का हिस्सा थी। मामले में पुलिस की जांच और जुटाए गए साक्ष्य अब आगे की कानूनी कार्रवाई का आधार होंगे।

