मुजफ्फरनगर। नुमाइश ग्राउंड में शुक्रवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की राज्यनिधि योजना के अंतर्गत हुनर हाट-दीपावली मेले का आयोजन किया गया। मेले में दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं तैयार किए गए आकर्षक हस्तशिल्प, कलाकृतियां, मिट्टी के दीपक, मोमबत्तियां, सजावटी सामान और विभिन्न प्रकार के उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।

हुनर हाट एवं दीपावली मेले का आयोजन नींव शक्ति संस्था और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि नरेंद्र कश्यप, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश ने किया।
25 स्टालों पर दिखा दिव्यांगजनों का हुनर
मेले में जनपद के विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों और विभागों की ओर से कुल 25 स्टाल लगाए गए। इनमें आशादीप धर्मार्थ सेवा समिति, मुजफ्फरनगर, चौधरी धर्मवीर सिंह मेमोरियल शिक्षा समिति, दिव्यांग एकता यूनियन, आधारशिला खतौली, खादी ग्रामोद्योग विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सहित अन्य संस्थाओं ने सहभागिता की।
स्टालों पर दिव्यांगजनों द्वारा तैयार घरों की सजावट का सामान, मिट्टी के बर्तन, बैग, खाद्यान्न सामग्री, दीपक, मोमबत्तियां और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों ने उत्पादों का अवलोकन किया और दिव्यांगजनों की रचनात्मकता की सराहना की।
दिव्यांग पेंशन 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह की गई: नरेंद्र कश्यप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने धनतेरस और आगामी दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और दिव्यांगजनों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों ने अपने हुनर और मेहनत के दम पर विभिन्न प्रकार की उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुएं तैयार की हैं। यह आयोजन उनके भीतर छिपी प्रतिभा को सामने लाने और समाज को उनकी क्षमता से परिचित कराने का अच्छा माध्यम है।
उन्होंने कहा कि मेले में दिव्यांगजनों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। कुछ प्रतिभागियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाई। यह देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई और सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए अपने हुनर को और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार की ओर से दिव्यांग पेंशन, दुकान निर्माण और दुकान संचालन के लिए आर्थिक सहायता तथा विभिन्न सहायक उपकरणों का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले दिव्यांगजनों को 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को इस योग्य बनाना है कि उन्हें अपने जीवन में किसी दूसरे के सहारे की जरूरत न पड़े।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दीं पर्वों की शुभकामनाएं
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल और भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने भी उपस्थित लोगों को दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दिव्यांगजनों के प्रयासों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को उनके हुनर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाला बताया।
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद की चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप, राज्य सलाहकार बोर्ड उत्तर प्रदेश के सदस्य रामकुमार कश्यप, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अरविंद पाल, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी दीक्षा उपाध्याय, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी सोम प्रकाश, उपायुक्त उद्योग जैस्मीन, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ज्योति प्रजापति और सहायक उपायुक्त उद्योग आशीष कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त नींव शक्ति संस्था की निदेशिका ऋचा वल्लभ खुल्वे, नित्या दूबे, चित्रा चौहान, रोहित कुशवाहा, अमित भट्ट, सागर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

